शुक्रवार, 24 जनवरी 2014

कल और काल

मौन महाउत्सव है स्व आत्मसाक्षात्कार का
युद्ध निरंतर चल रहा है प्रकाश अन्धकार का

कौन जीतेगा और  कौन हारेगा कल यहाँ
कौन जिएगा और कौन मरेगा कल यहाँ
यह जानने का एक रास्ता है आज यहाँ
कल कल भी था कल कल भी रहेगा यहाँ
कल ही काल है कल ही चाल है एक यहाँ
कल ही पता है यहाँ इस पार उस पार का 

मौन महाउत्सव है स्व आत्मसाक्षात्कार का
युद्ध निरंतर चल रहा है प्रकाश अन्धकार का